बीबीएमबी परियोजनाओं से विद्युत की निकासी के लिए पारेषण नेटवर्क

बीबीएमबी विद्युत केन्‍द्रों के उत्‍पादन को 3705 सर्किट कि.मी. लम्‍बे पारेषण नेटवर्क द्वारा 400 केवी, 220 केवी, 132 केवी, तथा 66 केवी पारेषण लाईनों और 24 पारेषण नेटवर्क सिस्‍टम के माध्‍यम से पारेषित किया जा रहा है।

पारेषण लाईनें
क्रम सं. लाईन वोल्‍टेज (के.वी.) लाईन का नाम सिंगल सर्किट (एस.सी.) या डबल सर्किट (डी.सी.) लम्‍बाई (कि.मी.) एन साइज (चालू) करने की तिथी
1. 400 देहर-पानीपत एस सी 261 12/06/1979
2. 400 देहर-भिवानी एस सी 313 17/01/1990
3. 220 गंगूवाल-धूलकोट डी सी 112 07/1961
4. 220 धूलकोट-पानीपत डी सी 125 07/1961
5. 220 पानीपत-दिल्‍ली डी सी 85 07/1961
6. 220 पौंग-जालंधर डी सी 98 26/01/1978
7. 220 जमालपुर-जालंधर डी सी 63 16/10/1969
8. 220 भाखड़ा(दायां)-जमालपुर डी सी 86 18/11/1968
9. 220 जमालपुर-संगरूर डी सी 78 30/1/1969
10. 220 संगरूर-हिसार डी सी 139 16/2/1969
11. 220 हिसार-भिवानी डी सी 58 05/07/1970
12. 220 भिवानी-दादरी डी सी 36 05/07/1970
13. 220 बल्‍लभगढ़-बदरपुर डी सी 25 16/11/1968-24/03/1971
14. 220 भाखड़ा (बायां)गंगूवाल डी सी 22 08/11/1961
15. 220 भाखड़ा (दायां)–गंगूवाल डी सी 23 07/11/1966
16. 220 भिवानी-दादरी डी सी 34 17/03/1990-09/10/1990
17. 220 समयपुर-बल्‍लभगढ़ डी सी 5 25/05/1988-09/04/1991
18. 220 देहर-गंगूवाल डी सी 56 09/10/1977
19. 220 दादरी-बल्‍लभगढ़ एस सी 120 25/01/1976
20. 220 समयपुर-दादरी एस सी 117 13/03/1991
21. 220 भाखडा (बायां)-गंगूवाल एस सी 22 05/08/1980
22. 220 संगरूर-बटिंडा एस सी 87 08/2/1976
23. 220 गंगूवाल-जगाधरी एस सी 158 01/01/1978
24. 220 पानीपत-दादरी एस सी 115 26/06/1978
25. 220 पानीपत-नरेला एस सी 58 02/07/1979
26. 220 पौंग-जालंधर एस सी 98 30/09/1983
27. 220 कुरूक्षेत्र-पानीपत एस सी 73 01/01/1978
28. 220 जगाधरी-कुरूक्षेत्र एस सी 48 01/01/1978
29. 220 समयपुर-बल्‍लभगढ़ एस सी 5 25/01/1976
30. 220 दादरी-मोहिन्‍दरगढ़ एस सी 42 21/06/2003
31. 132 गंगूवाल-कोटला डी सी 10 1953
32. 66 चण्‍डीगढ़-धूलकोट डी सी 45 1953
33. 66 भाखडा बायां-नया नंगल डी सी 9 05/11/1960
34. 66 पिंजौर-चण्‍डीगढ़ एस सी 12 1976
35. 66 पिंजौर-चण्‍डीगढ़ एस सी 18 1976
36. 66 भाखडा बायां-नया नंगल एस सी 9 05/11/1960

उप-केन्‍द्र
क्रम सं. उपकेन्‍द्र का नाम चालू करने की तिथी

ऐतिहासिक महत्‍व

400 के.वी. उप-केन्‍द्र
1. 400 केवी, देहर उप केन्‍द्र

यह उप केन्‍द्र 6 x 165 मेगावाट क्षमता की मशीन द्वारा बिजली प्रेषित करने के लिए अति – महत्‍वपूर्ण है, जिसकी दो 400 के वी लाईन, तीन 220 केवी लाईन तथा एक 132 केवी लाईन है।

(क) 220 केवी उप केन्‍द्र 12/11/1977

(ख) 400 केवी, देहर-पानीपत 12/06/1979

2. 400 केवी उप केन्‍द्र-पानीपत दिसम्‍बर-1976

प्रथम 400 केवी बीबीएमबी उपकेन्‍द्र का निर्माण 1969 में ब्‍यास परियोजना द्वारा किया गया। इस 220 केवी बेज, छ: 132 केवी बेज के 400 केवी देहर पानीपत एस सी लाईन के माध्‍यम से देहर विद्युत गृह के साथ तथा 400 केवी पानीपत-दादरी सिंगल सर्किट लाईन के माध्‍यम से पार ग्रिड दादरी के साथ जोड़ा हुआ है।

3. 400 केवी उप केन्‍द्र, भिवानी 17/06/1988

दूसरे 400 केवी बीबीएमबी उप केन्‍द्र का निर्माण 1983 में बीसीबी द्वारा किया गया। यह देहर भिवानी लाईन के माध्‍यम से देहर विद्युत गृह के साथ तथा पावर ग्रिड के भिवानी – हिसार एवं भिवानी – भिवानी लाईनों के द्वारा 400 केवी हिसार तथा भिवानी उपकेन्‍द्रों से सम्‍बन्‍ध है।

200 के.वी. उप-केन्‍द्र
1. 200 के वी उपकेन्‍द्र पौंग 20/01/1978

220 केवी उप केन्‍द्र बैरासूयल जल विद्युत परियोजना से विद्युत की निकासी में मदद करता है। यह 220 केवी पंराबिबोर्ड उपकेन्‍द्र, तलवाड़ा से अमरोह तक तथा 66 केवी एचपीएसईबी उपकेन्‍द्र संसारपुर टैरेस को बिजली की आपूर्ति करता है।

2. 220 केवी उप केन्‍द्र (भाखड़ा बांया किनारा) 1960-61

दो 66 केवी भखड़ा – नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड नंगल फीडरज, एक 66 केवी भाखड़ा-एचपीएसईबी फीडर तथा तीन 220 केवी भखड़ा-गंगूवाल फीडरों के माध्‍यम से विद्युत प्रेषित की जा रही है।

3. 220 केवी उप केन्‍द्र (भाखड़ा दायां किनारा) 1966-68

दो 220 केवी भाखड़ा दांया किनारा फीडरों तका दो भाखड़ा-महीलपूर फीडरों के द्वारा विद्युत प्रेषित की जा रही है।

4. 220 केवी मेजर अन्‍त: योजक उप केन्‍द्र एमआईएसएस गंगूवाल 12/1968

यह दिसम्‍बर 1968 में चालू किया गया मुख्‍य अन्‍त:योजक उपकेन्‍द्र है। प्रारम्‍भ में 7 बेज चालू किये गए हैं। यह उपकेन्‍द्र विभिन्‍न जल विद्युत केन्‍द्रों नामत: भाखड़ा बांया, भाखड़ा दांया, देहर विद्युत तथा गंगूवाल एवं कोटला विद्युत गृहों से उत्‍पादन बिजली बीबीएमबी के भागीदार राज्‍यों को प्रेषित करने के लिए महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

5. 220 केवी उप केन्‍द्र बल्‍लभगढ़ 17/11/1968

यह 200 केवी डीसी लाईन के माध्‍यम से बीटीपीएस के साथ तथा 66 केवी के माध्‍यम से एचपीजीसी, फरीदाबाद थर्मल के साथ सम्‍बद्ध है।

6. 220 केवी उप केन्‍द्र समयपुर 9-1988

यह उपकेन्‍द्र सिंगरौली तथा रिहंद सुपर थर्मल पावर स्‍टेशनों से विद्युत के विसर्जन हेतु बनाया गया है। यह तीन 400/220 केवी, 31.5 एमबीएआइसीटी चौथा आईसीटी, जो चालू करण के अधीन है कि माध्‍यम से 400 केवी पीजीसीआईल समयपुर उपकेन्‍द्र के साथ तथा 220 केवी डीसी लाईन के माध्‍यम से फरीदाबाद गैस विद्युत संयंत्र के साथ सम्‍बद्व है।

7. 220 केवी उप केन्‍द्र नरेला 1972

इसका डीवीबी के ग्रिड उपकेन्‍द्र से दो 220 केवी बूशज का विस्‍तार करके बीसीबी द्वारा निर्माण किया गया है।

8. 220 केवी उप केन्‍द्र दिल्‍ली 1958

इसका निर्माण 1958 में बांया किनारा विद्युत परियोजना के अन्‍तर्गत किया गया है। यह 33 केवी फीडरों के माध्‍यम से डीवीबी को विद्युत की आपूर्ति करता है, जिसके लिए डीवीबी किराया देता है।

9. 220 केवी उप केन्‍द्र कुरूक्षेत्र 12/1977

इसका निर्माण बीसीबी द्वारा किया गया है।

10. 220 केवी उप केन्‍द्र जमालपुर 18/11/1968

यह पंजाब क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है।

11. 220 केवी उप केन्‍द्र जांलधर 16/10/1969

यह पंजाब क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है।

12. 220 केवी उप केन्‍द्र हिसार 23/02/1969

यह उपकेन्‍द्र हरियाणा तथा राजस्‍थान के कुछ भागों में विद्युत आपूर्ति कर रहा है।

13. 220 केवी उप केन्‍द्र संगरूर 1968-69

यह पंजाब क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है।

14. 220 केवी उप केन्‍द्र बरनाला 11/05/1987

सिविचंग सबस्‍टेशन

15. 220 केवी उपकेन्‍द्र धूलकोट 1962

यह हरियाणा तथा संघीय प्रदेश, चण्‍डीगढ़ को विद्युत की आपूर्ति करता है।

16. 220 केवी उपकेन्‍द्र जगाधरी 31/05/1978

यह हरियाणा क्षेत्रों को विद्युत की आपूर्ति करता है।

17. 220 केवी उपकेन्‍द्र चरखीदादरी 22/10/1977

यह उपकेन्‍द्र हरियाणा तथा राजस्‍थान के क्षेत्रों को विद्युत की आपूर्ति कर रहा है।
132 केवी उप केन्‍द्र
(1.) रोपड़ में बिजली की आवश्‍यकता अनुसार विद्युत के स्‍थानान्‍तरण के लिए दो 132 केवी टाइसर्किटों के माध्‍यम से 132 केवी उप केन्‍द्रों गंगूवाल बिजली घर कोटला तथा गंगूवाल विद्युत गृह जोडे गए हैं।
(2.) 132 केवी उपकेन्‍द्र कोटला विद्युत गृह।
66 केवी उपकेन्‍द्र (1.) 66 केवी सबस्‍टेशन चण्‍डीगढ़ संघ शासिंत क्षेत्र चण्‍डीगढ़ को विद्युत की आपपूर्ति कर रहा है।


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