फोटोगैलरी

पंडोह बांध
भाखड़ा नंगल की सफलता से ब्‍यास नदी पर बांधों के निर्माण की प्ररेणा मिली। विद्युत कमी को पूरा करने, तत्‍कालीन पंजाब राज्‍य (नया पंजाब तथा हरियाणा) को, रावी तथा ब्‍यास नदियों के अनुपयुक्‍त जलों में से अपने पूर्ण हिस्‍से का उपयोग करने में समर्थ बनाने तथा भाखड़ा क्षेत्रों में यदि सतलुज नदी से आपूर्तियां अपर्याप्‍त हो तो अपेक्षाकृत वैट वर्ष के दौरान ब्‍यास नदी के अतिरिक्‍त प्रवाह का उपयोग करने के लिए आवश्‍यक लचीलापन प्रदान करना ही बी एस एल परियोजना के निर्माण करने का मुख्‍य उददेश्‍य था।


बग्‍गी


सुन्‍दरनगर हाईडल चैनल



संतोलक जलाशय
जल संवाह प्रणाली में 25फुट डॉय वाली 13.1 कि.मी. पेडोह बग्‍गी टनल, 1.8 लम्‍बी हाईडल चैनल, सुन्‍दरनगर में संतोलक जलाशय, 28 फुट फिनिशड डॉय वाली 12.35 किलो मीटर लम्‍बी सुन्‍दरनगर सतलुज टनल तथा एक 75 फुट डाय तथा 410 फुट ऊंचा डिफरैन्शियल टाइप आर सी सी सर्ज शाफट सम्मिलित है। लोअर हिमालय में मौजूदा भू-विज्ञानी स्थितियों को ध्‍यान में रखते हुए 24.45 कि.मी. टनल का निर्माण करना एक सराहनीय उपलब्धि है।



सर्ज शाफट


देहर विद्युत गृह


देहर नियंत्रण कक्ष


देहर स्विच यार्ड
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